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    कोविड -19 में अभिभावकों पर शुल्क देने का दबाव अनुचित, “पढ़ाई नहीं तो शुल्क नहीं' विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा

    प्रयागराज : संस्था सर्जनपीठ की ओर से “पढ़ाई नहीं तो शुल्क नहीं' विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा कराई गई। इसकी अध्यक्षता करते हुए रमाशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि निर्जी स्कूलों में इन दिनों पठन पाठन ठप है फिर भी शुल्क बसूला जा रहा है। हालांकि रकूलों की तरफ से शिक्षण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है, जिसका उन्हें अभ्यास नहीं है। एस में शुल्क भुगतान के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है। बंगलुरु से समाजशास्त्री कृष्ण नारायण पाठक ने मुख्य
    अतिथि के रूप में कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था रखने वाले संस्थान शिक्षण जारी रखें और सक्षम अभिभावकों की सहमति से शुल्क भी लें। जो अभिभावक सक्षम न हों उन पर शुल्क के लिए दबाव भी न बनाएं। परिचर्चा के आयोजक आचार्य पं. पृथ्वीनाथ पांडेय ने कहा, कोरोना की विपदा प्रभाव को देखते हुए, शिक्षण संस्थाओं में बच्चों के प्रति करुणा जाग्रत नहीं हो पा रही है। आज विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति विशाल हृदय का परिचय देकर शिक्षणतंत्र अपनी महत्ता सिद्ध कर सकते हैं। इस मौके पर दिल्ली से डॉ. अरुण प्रकाश पांडेय, आगरा से राजश्री यादव, हेदराबाद से डॉ. प्रदीप चित्रांशी, प्रो. सुरेश चंद्र द्विवदी, घनश्याम अवस्थी, अशोक कुमार पांडेय, डॉ. सरिता सिंह परिहार आदि ने विचार रखे।