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    बैंकों को चेतावनी:- मिड-डे मील कन्वर्जन कॉस्ट फण्ड ट्रांसफर पर शुल्क लिया तो खाता होगा बंद

    मिड- डे मील में अभिभावकों के खाते में कन्वर्जन कॉस्ट दिए जाने में कई बैंकों के नियम रोड़ा अटका रहे हैं। फण्ड ट्रांसफर के रूप में बैंक शुल्क ले रहे हैं। लिहाजा, अब ऐसे बैंकों में खाते बंद किए जाएंगे और उन बेंकों में खोले जाएंगे जो फंड ट्रांसफर में शुल्क नहीं लेते। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं। सरकारी व
    सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को लॉकडाउन व गर्मी की छुटटियों के 76 दिन के एमडीएम का राशन व कन्वर्जन कॉस्ट खाते में दी जानी है लेकिन प्रक्रिया के दौरान सामने आया कि कुछ बैंकों में फण्ड ट्रांसफर के लिए शुल्क निर्धारित है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेज कहा है कि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के तहत पैसा ट्रांसफर करने पर शुल्क लिया जाना उचित नहीं है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि विभाग की विभिन्‍न योजनाओं के लिए जिलों को करोड़ों रुपये की धनराशि दी जाती है, जिससे बैंकों को फ्लोट व जमा के रूप में कई लाभ मिलते हैं। इसके बदले यदिवे डीबीटी के तहत दी रही धनराशि को शुल्क रहित ट्रांसफर करने में सहयोग नहीं करते तो जिले में उस बैंक में खोले गए खाते बंद कर दिए जाएं और दूसरे राष्ट्रीयकृत बैंक में खाते खोले जाएं।


     जुलाई के एमडीएम के लिए निर्देश का इंतजार
     प्राइमरी स्कूल में 76 दिन के लिए 374 .29 रुपये और जूनियर में प्रति विद्यार्थी 561 .02 रुपये दिए जाने हैं। सरकारी व सहायताप्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे 1.80 करोड़ बच्चों को इसका लाभ दिया जाना है। ये धनराशि 30 जून तक के लिए दी जा रही है जबकि जुलाई में स्कूल खुल जाने थे। लेकिन अभी तक स्कूल नहीं खोले गए हैं। अब सरकार जुलाई व आने वाले महीनों के लिए एमडीएम के रूप में राशन व धनराशि खाते में देने के लिए केन्द्र सरकार के आदेश का इंतजार कर रही है।