New Education Policy : नई शिक्षा नीति में शिक्षकों को करना होगा प्रशिक्षित

विंध्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय उरमौरा राबर्ट्सगंज सोनभद्र में 'नई शिक्षा नीति प्रावधान चुनौतिया और समाधान' विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन सोमवार को किया गया। इस दौरान कहा गया कि नई
शिक्षा नीति के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करना होगा। वेबिनार में डॉ केएस पाण्डेय पूर्व प्रोफेसर हिन्दी विभाग इलाहाबाद स्टेट यूनिवर्सिटी, डॉ केएन सिंह पूर्व प्रोफेसर समाजशास्त्र बीएचयू, डॉ अन्जू सोनकर असि. प्रोफेसर लालता सिंह पीजी कॉलेज अदलहाट, डॉ सुदर्शन सिंह असि. प्रोफेसर डीएसएन पीजी कालेज उन्नाव, डॉ प्रदीप यादव असि. प्रोफेसर एमजीकेवीपी शक्तिनगर सोनभद्र, डॉ राकेश कुमार सिंह राजकीय पीजी कॉलेज पवनी कलॉ सोनभद्र प्रमुख वक्ता रहे। वक्ताओं ने कहा कि अब स्कूलों में 10+2 फॉर्म के स्थान पर 5+3+3+4 फार्मेट को शामिल किया गया है इसके तहत पहले पांच साल में प्री. प्राइमरी स्कूल के तीन साल तथा कक्षक और कक्षा दो सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। पहले जहां सरकारी स्कूल कक्षा एक से शुरू होते थे वहीं अब तीन साल के प्री.प्राइमरी के बाद कक्षा एक शुरू होगी। इसके बाद कक्षा 3-5 के तीन साल शामिल हैं इसके बाद मिडिल स्टेज आएगा। फिर चौथा स्टेज कक्षा 9 से 12वीं तक का 4 साल का होगा। पहले कक्षा 11 से विषय चुनने की आजादी होती थी वही अब यह कक्षा 9वीं में ही रहेगी। शिक्षण माध्यम के रूप में 5वीं तक मातृभाषा का ही प्रयोग किया जाएगा। किसी कारणवश विद्यार्थी उच्च शिक्षा कोर्स बीच में छोड़ता है तो भीउ से हानि नहीं होगी। प्राचार्या डॉ.अंजली विक्रम सिंह ने आभार जताया। महाविद्यालय के डॉ मालती, डॉ कैलाश नाथ, डॉ अरूणेन्द्र संदल, डॉ अनुग्रह सिंह, पंकज सिंह आदि ने प्रतिभाग किया।

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