शिक्षक भर्ती मामले में अफसर नहीं सुलझा रहे क्षैतिज आरक्षण का पेंच, 3900 पदों पर होनी है यह शिक्षक भर्ती

प्रयागराज : चार साल प्रतीक्षा करने पर असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती निकलने की उम्मीद जगी थी। शासन ने 3900 पदों का अधियाचन जारी करके भर्ती करने की अनुमति दी। लेकिन, अधियाचन में क्षैतिज आरक्षण लागू न होने से सारी प्रक्रिया रुकी है। इधर, उच्च शिक्षा निदेशक को 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होना है। आरक्षण का नियम बनाने की फाइल उन्होंने शासन भेजा है, जबकि शासन पहले ही निदेशालय को आरक्षण की व्यवस्था लागू करने की अनुमति दे चुका है। परंतु, निदेशक खुद को किसी विवाद में फंसने से बचाने के लिए आरक्षण निर्धारण में रुचि नहीं ले रही।

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उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने 2016 में विज्ञापन संख्या 47 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती निकाली थी। उक्त विज्ञापन के तहत 35 विषयों में 1150 पदों की भर्ती निकली थी। मौजूदा समय में प्रदेश अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर 4500 के लगभग पद खाली हैं। खाली पदों को भरने के लिए जून 2019 में विज्ञापन जारी होना था। लेकिन, अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण विज्ञापन जारी नहीं हुआ।

कुछ महीने पहले शासन ने उच्च शिक्षा निदेशालय को 3900 पदों का अधियाचन जारी करने की अनुमति दे दी। प्रथम चरण में निदेशालय ने 11 अगस्त को उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को 1303 पदों का अधियाचन भेजा। लेकिन, उसमें क्षैतिज आरक्षण के तहत महिला, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, दिव्यांग अभ्यर्थियों का कोटा निर्धारित नहीं किया। इससे आयोग ने विज्ञापन जारी नहीं किया। इसके चलते अन्य पदों की भर्ती भी फंसी है। उच्च शिक्षा निदेशालय को आरक्षण निर्धारित करना है। अक्टूबर में नए निदेशक के आने पर आरक्षण प्रक्रिया पर काम होने की उम्मीद है।

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