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    आधा सत्र बीता स्कूल खुलने पर अब भी संशय

     प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों का सत्र अप्रैल से शुरू होता है। विद्यार्थी स्कूल जाने लगते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मार्च से ही सभी विद्यालय बंद हैं। पाठन-पाठन जैसे-तैसे ऑनलाइन संचालित करने की कोशिश हो रही है। आधा सत्र बीत जाने के बाद भी विद्यालय खुलने को लेकर असमंजस की स्थिति है।


    बोले डीआइओएस, शासन से कोई निर्देश नहीं मिला है

    हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से कक्षा नौ से 12वीं तक के स्कूल खोलने का निर्देश हो चुका है। इस मामले में राज्य अपने यहां की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने को स्वतंत्र हैं। डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि अभी शासन से कोई निर्देश नहीं मिला है। समीक्षा के बाद जो आदेश आएगा उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उसमें भी बिना अभिभावक की अनुमति के कोई भी विद्यार्थी स्कूल नहीं आ सकेंगे।


    स्‍कूल प्रबंधन का कहना है कि निर्देश मिलने पर खुलेंगे स्‍कूल

    इस संबंध में स्कूलों का कहना है कि उनकी पूरी तैयारी है। जैसे निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार स्कूल खोले जाएंगे। संक्रमण से बचाव के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य सुष्मिता कानूनगो ने बताया कि 22 से 30 सितंबर तक कम्पार्टमेंट परीक्षा कराई जाएगी। इस बीच विद्यालय नहीं खुलेगा। उसके बाद यदि निर्देश मिलेगा तो बोर्ड की परीक्षा वाले बच्चों को बुलाया जाएगा। खासकर प्रायोगिक कक्षाओं के लिए। बाकी विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई करते रहेंगे।


    इन स्‍कूलों की प्रधानाचार्यों का यह कहना है

    श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य रविंद्र बिरदी ने भी कहा कि ऑनलाइन कक्षाएं चलती रहेंगी। जरूरत के अनुसार विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाया जाएगा। केपी गर्ल्‍स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य अमिता सक्सेना ने बताया कि निर्देश आने पर स्कूल खुलेंगे। कर्नलगंज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अजय कुमार ने बताया कि विद्यालय में शिक्षक नियमित आ रहे हैं। शासन का जैसा निर्देश मिलेगा उसके अनुसार कक्षाएं चलाई जाएंगी।

    आइए जानते हैं कि अभिभावकों की क्‍या है सोच

    शहर में लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। इसे लेकर अभिभावक चिंतित हैं। वे अपने बच्चों को अभी स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई जैसे चल रही है, वही पर्याप्त है। मेंहदौरी कालोनी की कविता कहती हैं कि मेरा बेटा कक्षा 11वीं में पढ़ता है। ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। अभी संक्रमण को देखते हुए हम बच्चे को स्कूल नहीं भेज सकते। घर में ही रहना सुरक्षित है। इसी प्रकार नैनी की रहने वाली सुषमा पांडेय बेटे की पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है। हालांकि वह उतनी प्रभावी नहीं है लेकिन कोरोना वायरस का खतरा भी नहीं मोल ले सकते। अभी घर में ही रहना ठीक है। जल्दबाजी कर के मुसीबत नहीं मोल लेंगे।