• Breaking News

    प्रदेश सरकार ने कहा, शिक्षामित्रों की विरोधी नहीं:- शिक्षामित्रों की यह थी दलील

     प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया था कि सरकार को शिक्षामित्रों का विरोधी बताया जा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है। कोर्ट ने आनंद कुमार केस में शिक्षामित्रों को भर्ती में शामिल होने के लिए उम्र और भारांक की छूट दी थी। सरकार ने शिक्षामित्रों के लिए सबसे अधिक भारांक (वेटेज) तय किया है। शिक्षामित्रों को एक साल के अनुभव पर ढाई अंक का भारांक दिया गया है। कोई भी शिक्षामित्र 10 वर्ष से कम अनुभव का नहीं है इसलिए अधिकतम 25 भारांक तय हैं। न्यूनतम योग्यता अंक 65 और 60 फीसद रखे जाने पर कहा गया कि पिछली एटीआर में करीब एक लाख अभ्यर्थी बैठे थे और प्रश्नपत्र वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) थे जबकि अबकी बार प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय (आब्जेक्टिव) थे और चार लाख अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे थे।


    शिक्षामित्रों की दलील

    शिक्षामित्रों की मांग थी कि न्यूनतम योग्यता अंक पूर्व भर्ती परीक्षा की तरह 45 और 40 फीसद ही होने चाहिए। यह भी दलील दी गई थी कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई, 2017 को आनंद कुमार यादव के केस में फैसला देते हुए शिक्षामित्र से सहायक शिक्षक पद पर नियमित हुए 1,37,500 शिक्षामित्रों का नियमन रद कर दिया था। तब शिक्षामित्रों की भर्ती इसलिए रद हुई थी क्योंकि वे शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास नहीं थे। अब सहायक शिक्षक भर्ती (एटीआर) परीक्षा में बैठे सभी लगभग 45,000 शिक्षामित्र टेट पास हैं ऐसे में उन सभी को सहायक शिक्षक नियुक्त किया जाना चाहिए। उनसे बची सीटों पर बाकी अभ्यर्थियों की मेरिट तय होनी चाहिए। लेकिन बीएड अभ्यर्थियों की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि शिक्षामित्रों की नियुक्ति रद करते हुए कोर्ट ने कहा था कि इन्हें बिना खुली भर्ती और स्पर्धा के नियुक्ति दी गई है जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।

    Primary ka master, primary ka master current news, primaryrimarykamaster, basic siksha news, basic shiksha news, upbasiceduparishad, uptet