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    बेसिक शिक्षा विभाग:- प्रदेश में दीक्षा एप से एक करोड़ घरों में लगेगी ई-पाठशाला

     प्रदेश सरकार ने दीक्षा एप के माध्यम से एक करोड़ घरों में ई-पाठशाला लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ साथ डीएलएड प्रशिक्षुओं की भी मदद ली जाएगी। 15 दिसंबर तक प्रत्येक प्रशिक्षु को 25 छात्रों- अभिभावकों को दीक्षा एप डाउनलोड करवाने की जिम्मेदारी दी गई है।


    लॉक डाउन के चलते इस बार परिषदीय विद्यालय भी शुरू नहीं हो पाए। ऐसे में ऑनलाइन एजुकेशन ही पढ़ाई का एकमात्र माध्यम है। प्रदेश में दीक्षा एप के जरिए पठन-पाठन पर जोर दिया जा रहा है। दीक्षा पर सभी कक्षाओं और विषयों के टॉपिक से संबंधित डिजिटल कंटेंट अपलोड किये गए हैं। इसका छात्र निशुल्क उपयोग कर सकते हैं। विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा में पता चला है कि अभी मात्र 30 से 40 लाख छात्र ही इस सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। जबकि परिषदीय विद्यालयों में 1.80 करोड़ और निजी विद्यालयों में लगभग दो करोड़ छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विभाग का लक्ष्य दीक्षा पोर्टल पर रोजाना एक करोड़ कंटेंट प्ले करने का है। दीक्षा एप के प्रयोग को बढ़ाने और पाठ्य पुस्तकों की डिजिटल शैक्षिक सामग्री को छात्रों तक पहुंचाने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।

    छात्रों को सिखाए क्यू आर कोड स्कैन करना
    स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने सभी डाइट प्राचार्य को इस संबंध में पत्र जारी किया है। उन्होंने सभी डीएलएड प्रशिक्षुओं को किसी स्कूल में अध्ययनरत अथवा अपने आसपास के कम से कम 25 छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को दीक्षा एप डाउनलोड कराने के लिए कहा है। डीएलएड प्रशिक्षु उन्हें क्यूआर कोड को स्कैन करते हुए सामग्री का उपयोग करना भी सिखाएंगे। राज्य स्तर पर प्रेषित लिंक पर क्लिक करते हुए दीक्षा के वीडियो देखने की प्रक्रिया भी समझाना होगा। साथ ही टॉपिक को दीक्षा एप में किस तरह से सर्च करना है इसकी जानकारी भी देंगे। इस काम में यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो जनपद स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर उसका निवारण करेंगे।

    प्रशिक्षुओं के प्रैक्टिकल वर्क में शामिल

    इस काम को डीएलएड प्रशिक्षुओं के प्रैक्टिकल वर्क में शामिल किया गया है। सभी डीएलएड प्रशिक्षुओं को उनकी वार्षिक प्रयोगात्मक परीक्षा में कुछ अंक उक्त कार्य के सफल संपादन के लिए दिए जाएंगे। 25 छात्रों और अभिभावकों के विवरण के लिए एक प्रारूप भी जारी किया गया है। इसे प्रशिक्षु डायट प्राचार्य के कार्यालय में जमा करेंगे। इसकी सूचना राज्य स्तर पर 15 दिसंबर तक उपलब्ध कराई जानी है।