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    Gonda: स्कूल बंद, घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ा रही हैं बेसिक की शिक्षिका अर्चना

     कोरोना है.. खतरे हैं, सरकार ने कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल बंद हैं इसलिए नौनिहाल घरों पर हैं इस बीच उनकी पढ़ाई बर्बाद हो रही है। इन सबके बीच मुजेहना ब्लॉक की लखनीपुर प्राथमिक विद्यालय की हेड टीचर अर्चना सिंह बच्चों व उनके अभिभावकों के लिए उम्मीद बनकर उभरी हैं। वो मास्क व सेनेटाइजर साथ लेकर बच्चों को पढ़ाने बच्चों के घरों तक जाती हैं।


    दैहिक दूरी का पालन कराते हुए बच्चों को हिन्दी, अंग्रेजी भाषा गणित आदि विषयों की पढ़ाई कराती हैं। उन्हें होमवर्क देती हैं। इसके बाद बच्चों को ऑनलाइन पढ़ने की सीख देकर आती हैं। गांव के लोग बताते हैं कि बच्चों को घर पर ही रोककर रखा जाता है। वो लोग स्कूलों से बच्चों के लिए काम लेकर आ जाते हैं। मगर जब बच्चे कोई सवाल नहीं समझ पाते तो हेड टीचर अर्चना खुद स्कूल से बच्चों के घर तक जाकर पढ़ाई पूरा करा रही हैं।

    उनके राह पर चलने लगे हैं बाकी साथी शिक्षक: बच्चों को पढ़ाने के लिए हेड टीचर अर्चना को जूझते देखकर बाकी साथी शिक्षक भी बच्चों के होमवर्क आदि के लिए अभिभावकों के स्कूल तक आने का जादा इंतजार नहीं करते समय निकालकर अभिभावकों व बच्चों तक शिक्षण सामग्री पहुंचाने का काम करते हैं। सहायक अध्यापक हो सा फिर शिक्षा मित्र सभी ने अर्चना सिंह की राह पकड़कर शिक्षा देने का कार्य जारी कर रखा है।

    विभागीय अफसर भी करते हैं तारीफ: हेड टीचर की शिक्षण शैली विभागीय अफसरों को पसंद आई है। वे अर्चना सिंह के साहस की तारीफ करते हैं। सुबह नौ बजे से पहले स्कूल पहुंचना और फिर शाम 3 बजे स्कूल से निकलने का उनका अनुशासन आसपास के शिक्षक शिक्षिकाओं को भी सीख देने का काम करता है। बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति का कहना है कि कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए मिशन प्रेरणा ई-पाठशाला फेज 2 के तहत पढ़ाई कराई जा रही है। इस बीच शिक्षण सामग्री ऑनलाइन व ऑफलाइन बच्चों तक पहुंचना
    जरुरी है। इस क्रम में अर्चना जैसे सभी शिक्षक शिक्षिकाओं का शिक्षण की तरफ उन्मुख होना अन्य सभी शिक्षकों के लिए सीख लेने वाला है। विभाग के कुछ शिक्षक इस आपदा में बेहतर से बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं।

    लेसन प्लान बनाती हैं और कराती हैं पढ़ाई : बच्चों को पढ़ाने के
    लिए शिक्षिका अर्चना सिंह इसका विस्तृत लेसन प्लान बनाती हैं और फिर इसी के हिसाब से पढ़ाई कराती हैं। डायट के गाइडलाइन के मुताबिक लेसन प्लान तैयार करने और प्रेरणा पोर्टल, दीक्षा आदि के माध्यम से नई शिक्षण प्रणाली को आत्मसात करने का कार्य भी अर्चना करती हैं। सहायक शिक्षा निदेशक डायट प्राचार्य विनय मोहन वन ने अपने निरीक्षण के दारान हेड टीचर अर्चना की तारीफ भी की।

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