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    बड़ा घालमेल: बिना नियमावली 309 खंड शिक्षा अधिकारी(BEO) का चयन, यह उठ रहे सवाल

    कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा, भानुमति ने कुनबा जोड़ा, की लोकोक्ति अब खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के चयन में चरितार्थ हा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसमें गजब का घालमेल करते हुए भाजपा शासन की नियमावली और बसपा काल के शासनादेश को मिलाकर नया आधार बना दिया है।


    खास बात यह कि नियमावली में खंड शिक्षा अधिकारी पदनाम का जिक्र तक नहीं है, वहीं शासनादेश में जो पद शिक्षा संवर्ग-ख का है उसका विज्ञापन शिक्षा संवर्ग-ग के तहत जारी हुआ है। यानी अधिकारियों ने दोनों जगह से अपनी सहूलियत के हिसाब से ¨बदु चिन्हित कर लिए। यह नौबत इसलिए आई है, क्योंकि बीईओ पदनाम की सेवा नियमावली ही अब तक नहीं बन सकी है। प्रदेश में खंड शिक्षा अधिकारी की कमी को पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग कुल 1031 में से 309 रिक्त पदों पर नए बीईओ का चयन उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग से करा रहा है, लेकिन यह चयन विसंगतियों से भरपूर है। इसकी जानकारी आवेदकों को तो नहीं है, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी संवर्ग खासा नाराज है, क्योंकि आयोग ने इसका विज्ञापन शिक्षा सेवा सवर्ग-ग के जारी है।

    कार्मिक के आदेशों का उल्लंघन
    कार्मिक विभाग के आदेशानुसार 4600 ग्रेड पे से 5400 ग्रेड पे के अधिकारी समूह-ख के तहत आते हैं। छठे व सातवें दोनों वेतन आयोग में इसका स्पष्ट उल्लेख है, फिर भी आयोग ने 4800 ग्रेड पे वाले खंड शिक्षा अधिकारी का समूह-ग दर्ज किया है।

    • 1992 की एसडीआइ की नियमावली व 2011 का शासनादेश जोड़ा
    • खंड शिक्षा अधिकारी पदनाम की अब तक नहीं बन सकी नियमावली

    यह उठ रहे सवाल

    जब पुनर्गठन के शासनादेश से दोनों पद खत्म करके नया पद बना तो छोटे पद की नियमावली कैसे मान्य हुई?
    विज्ञापन में बीईओ का वेतनमान 4800 ग्रेड पे दर्ज है और यह पद समूह-ख के तहत आता है तो समूह-ग कैसे मान्य?

    इन दिनों बेसिक व माध्यमिक का संवर्ग तय हो रहा है। बीईओ की नियमावली अभी प्रारंभिक स्तर पर ही है। इसलिए नए पदों का चयन पुरानी नियमावली से कराया जा रहा है।
    रेणुका कुमार,अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा

    उप्र लोकसेवा आयोग उन्हीं पदों का चयन कराता है, जिनकी नियमावली हो या फिर सरकार अंडर टेकिंग दे कि नियमावली जल्द बना देंगे। बीईओ में बिना नियमावली चयन हो रहा है और नियमों का उल्लंघन करके समूह-ग का पद लिखा गया है। इसके लिए कई पत्र लिख चुके हैं कि विज्ञापन संशोधित करें।
    प्रमेंद्र कुमार शुक्ल, प्रदेश अध्यक्ष खंड शिक्षा अधिकारी संघ

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