• Breaking News

    अनामिका प्रकरण:- 48 कर्मियों-शिक्षिकाओं को जारी होगा नोटिस, फरार सरिता का वारंट बनवाएगी पुलिस

    प्रयागराज : सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली सरिता यादव पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सकी है। उसकी तलाश करने का दावा करने वाली कर्नलगंज पुलिस अब शिकंजा कसने के लिए उसके खिलाफ वारंट बनवाने की तैयारी में है। इसके लिए चार दिन बाद जिला अदालत खुलने का इंतजार है। सरिता के साथ ही मुख्य आरोपित पुष्पेंद्र व बल्लू से पूछताछ के लिए पुलिस बी-वारंट बनवाएगी, ताकि मामले में सटीक विवेचना आगे बढ़ सके।
    Uptet help , primary ka master, primary ka master current news, primarykamaster, basic siksha news, basic shiksha news, upbasiceduparishad, uptet
    कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद थाना क्षेत्र स्थित चंदनपुर गांव निवासी तेज सिंह यादव की बेटी सरिता यहां कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला बनकर बतौर शिक्षिका नौकरी करती थी। उसने अनामिका के नाम से फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया था। जांच में यह साफ हुआ तो कर्नलगंज पुलिस ने मुकदमे में सरिता को नामजद कर लिया। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दो बार कानपुर देहात गई, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। उधर, उसकी भाभी बबली की गिरफ्तारी के बाद सरिता और उसके परिवार वाले घर से फरार हैं। पुलिस कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर के आधार पर लोकेशन ट्रेस कर रही है, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पिछले माह बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने कूटरचित दस्तावेज के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका के खिलाफ कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर अरुण त्यागी का कहना है कि फरार सरिता की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही रिमांड बनवाया जाएगा।

    फरार सरिता का वारंट बनवाएगी पुलिस

    प्रयागराज: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की 48 शिक्षिकाओं और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया जाएगा। इनमें 10 ने मूल दस्तावेज नहीं जमा किए जबकि 38 ने अधूरे जमा किए हैं। जमा हुए दस्तावेजों की भी जांच हो रही है। किसी के दस्तावेज या पत्रवली में गड़बड़ी मिली तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी।

    कस्तूरबा विद्यालय की कथित विज्ञान शिक्षिका अनामिका शुक्ला का प्रकरण सुíखयों में आने के बाद राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद के निर्देश पर जिले के कस्तूरबा विद्यालयों की सभी शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों के भी दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। पिछले सप्ताह तक कमेटी के समक्ष 241 शिक्षिकाओं और 230 कर्मचारियों ने मूल और फोटो स्टेट दस्तावेज जमा किए थे। पांच शिक्षिकाओं और छह कर्मियों समेत 11 लोगों ने दस्तावेज नहीं जमा किए थे। एक शिक्षिका ने बुधवार को दस्तावेज जमा कर दिए। जबकि चार शिक्षिकाओं, एक लेखाकार, दो चौकीदार और तीन सहायक रसोइयों ने अब भी दस्तावेज जमा नहीं किए। हालांकि, इसमें तीन शिक्षिकाओं ने अपने दस्तावेज 69 हजार शिक्षक भर्ती में लगाने संबंधी आवेदन कमेटी को दिए हैं।

    वहीं, 38 शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने अधूरे दस्तावेज जमा किए हैं। किसी ने पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र नहीं जमा किए हैं तो किसी ने अन्य दस्तावेज नहीं दिए हैं। ऐसे में अब 48 शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को नोटिस भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी होने के बावजूद तय तिथि के अंदर जिन शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने दस्तावेज नहीं जमा किए, उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति उच्चाधिकारियों से की जाएगी।