प्रयागराज: मंडल के नौ विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शून्य, माध्यमिक शिक्षा में करोड़ों खर्च होने के बाद भी चौंकाने वाले परीक्षा परिणाम, नोटिस जारी

प्रयागराज : प्रदेश सरकार माध्यमिक शिक्षा पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, लेकिन नतीजा सिफर है। हाल ही में घोषित उत्तर प्रदेश बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजों पर गौर करें तो स्थिति चौंकाने वाली है। इससे आहत अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने प्रधानाचार्यो को नोटिस जारी का स्पष्टीकरण तलब किया है।
प्रयागराज मंडल के कुल नौ ऐसे विद्यालय हैं, जहां का परीक्षा परिणाम शून्य है। इनमें पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या भी बहुत कम है। प्रयागराज के रामसेवक इंटर कालेज में कुल 10 विद्यार्थी पंजीकृत थे। आठ ने हाईस्कूल की परीक्षा दी। इसमें सभी फेल हो गए। राजपति यादव हायर सेकेंड्री स्कूल अधानी में महज पांच विद्यार्थी पंजीकृत थे। दो ने परीक्षा दी और असफल रहे। श्री एलपी सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करछना में कुल 10 विद्यार्थी हाईस्कूल में पंजीकृत थे। इनमें से केवल एक ने परीक्षा दी और कामयाबी हाथ नहीं लगी। प्रतापगढ़ में श्यामा इंटर कॉलेज में दो विद्यार्थी पंजीकृत थे और दोनों फेल हो गए। कौशांबी के श्रीमती विमला देवी इंटर कालेज में हाईस्कूल में सिर्फ एक विद्यार्थी ने पंजीकरण कराया, वह भी फेल हो गया। एसजीएस इंटर कालेज में दो विद्यार्थियों ने हाईस्कूल में रजिस्ट्रेशन कराया और एक ने परीक्षा दी लेकिन अनुत्तीर्ण हो गया। पीएसयूएमवी म्योहर के विद्यालय में सिर्फ एक ने पंजीकरण करया और सफलता नहीं मिली। एमजेआरएवी फुले विद्याश्रम में 27 विद्यार्थी पंजीकृत थे लेकिन दो ने ही परीक्षा दी और वे अनुत्तीर्ण हो गए। आर्य कन्या हायर सेकेंड्री स्कूल में 15 विद्यार्थियों का पंजीयन था लेकिन एक ने परीक्षा दी थी और वह भी फेल हो गया।

’>>माध्यमिक शिक्षा में करोड़ों खर्च होने के बाद भी चौंकाने वाले परीक्षा परिणाम

’>>प्रयागराज के तीन, प्रतापगढ़ के एक व कौशांबी के पांच विद्यालय सूची में

यूपी बोर्ड परीक्षा के नतीजे आमतौर पर अच्छे आए हैं। जिन विद्यालयों के परीक्षा परिणाम अर्थात शून्य हैं, उनको मान्यता देने के समय यदि गंभीरता से विचार किया गया होता तो शायद ऐसा न होता।

- अनुज कुमार पांडेय, जिला मंत्री उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ।

बोर्ड परीक्षा के परिणाम तो इस बार बेहतर हैं। सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अच्छे अंक हासिल किए हैं। जिन विद्यालयों के नतीजे शून्य हैं वे ग्रामीण क्षेत्र के हैं। वहां पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या भी बहुत कम है। जल्द ही सभी विद्यालयों की रिपोर्ट मंगाई जाएगी और वस्तुस्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई होगी।

- डॉ. वीएस यादव, सह जिला विद्यालय निरीक्षक।

कालेजों के खराब प्रदर्शन पर मांगा स्पष्टीकरण

अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) की ओर से जिला विद्यालयों को जारी पत्र में भी इस पर चिंता जताई गई है। कहा गया है कि संबंधित संस्थाओं और प्रधानाचार्यो के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आख्या निदेशालय को एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराएं। यह भी कहा गया है कि सभी मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन तथा सहभागी शैक्षिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए विद्यालयों के निरीक्षण आदि के लिए भी निर्देशित किया गया था। ध्यान न दिए जाने की वजह से विद्यालयों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजे खराब आए। इन विद्यालयों में छात्र-छात्रओं का पंजीकरण भी न्यूनतम रहा। इससे स्पष्ट होता है कि दायित्व में शिथिलता बरती गई।
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