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    UP Teachers Transfer : 50 हजार से अधिक शिक्षक तबादला सूची से बाहर, मात्र 21695 की मनोकामना हुई पूरी, 9 हजार से अधिक शिक्षकों के पारस्परिक तबादले की सूची जारी होना शेष

     UP Teachers Transfer : 50 हजार से अधिक शिक्षक तबादला सूची से बाहर, मात्र 21695 की मनोकामना हुई पूरी, 


    9 हजार से अधिक शिक्षकों के पारस्परिक तबादले की सूची जारी होना अभी शेष

    नए साल के मौके पर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर जिला तबादले का इंतजार पूरा हो गया है। 21695 शिक्षकों को मनचाहे जिले में जाने की सौगात मिली। वहीं करीब 50 हजार शिक्षकों को तबादला सूची से बाहर होना पड़ा है।

    लखनऊ । नए साल के मौके पर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर जिला तबादले का इंतजार पूरा हो गया है। 21,695 शिक्षकों को मनचाहे जिले में जाने की सौगात मिली। वहीं, करीब 50 हजार शिक्षकों को तबादला सूची से बाहर होना पड़ा है। यह उलटफेर बदले नियम और कड़ी शर्तों की वजह से हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने मुख्यमंत्री की भी इन तबादलों में किरकिरी करा दी है। जिलों में कुल 43,916 पद रिक्त होने के बाद भी 20 सितंबर को 54,120 पदों पर तबादले की अनुमति ली गई थी। एनआइसी ने गुरुवार देर रात तबादला सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। जिसे शिक्षक देख सकते हैं।


    बेसिक शिक्षा परिषद परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों की अंतर जिला तबादला प्रक्रिया दो दिसंबर, 2019 को शुरू हुई थी। पहले चरण में 1.04 लाख शिक्षकों ने पंजीकरण कराया और 70,838 ने आवेदन किया। बीएसए तय समय में आवेदनों का सत्यापन नहीं कर सके। समय सीमा बढ़ी, लेकिन फिर कोरोना संक्रमण काल में सब कुछ ठप हो गया।


    विवाह बाद महिलाओं को तबादले की मिली सौगात : दिव्या गोस्वामी की हाई कोर्ट में याचिका हुई, तीन नवंबर को हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट के आदेश पर उन महिला शिक्षिकाओं से 18 से 21 दिसंबर तक आवेदन मांगे गए, जो विवाह के बाद दोबारा अंतर जिला तबादला चाहती थी। इस दौरान करीब तीन हजार आवेदन हुए थे।


    शिक्षकों की सेवा अवधि बदली : बेसिक शिक्षा परिषद परिषद ने कोर्ट के निर्देश पर जिलों में पुरुष शिक्षकों की पांच साल व महिला शिक्षिकाओं की दो साल की सेवा अवधि तय की। इस आधार पर बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त हुए हैं। ज्ञात हो कि पहले पुरुष शिक्षकों की तीन साल व महिला शिक्षिकाओं की एक साल व दिव्यांग को सेवा अवधि से मुक्त रखा गया था।


    ये शर्त भी बनी बाधा : तबादले की नियमावली में उल्लेख था कि जिले में स्वीकृत पदों के सापेक्ष सिर्फ 15 फीसद ही तबादले हो सकेंगे। इस वजह से उन जिलों के आवेदन निरस्त हुए जहां शिक्षक पहले से अधिक थे और वहां जाने वालों की तादाद ज्यादा थी।


    आकांक्षी जिलों ने नहीं किया आकर्षित : प्रदेश में आठ आकांक्षी सिद्धार्थ नगर, श्रावस्ती, बहराइच, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट व बलरामपुर जिले हैं। इन जिलों में पारस्परिक तबादलों को ही अनुमति दी गई। यानी जितने शिक्षक वहां जाएंगे उतने ही अन्य जिलों में जा सकते हैं। इन जिलों में जाने वालों की तादाद कम होने से भी तबादला आवेदन निरस्त हुए।


    अभी आएगी पारस्परिक तबादला सूची : बेसिक शिक्षा परिषद परिषद ने इस बार दो तरह से अंतर जिला तबादलों के लिए आवेदन मांगे थे। पहला रिक्त पद व दूसरा पारस्परिक स्थानांतरण। रिक्त पद की सूची जारी हो गई है, जबकि अभी करीब नौ हजार से अधिक शिक्षकों के पारस्परिक तबादले की सूची जारी होना शेष है।


    सहायक अध्यापकों के अंतर्जनपदीय तबादलों की संशोधित संख्या 21695


    2021 का पहला दिन शिक्षकों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। इस दिन अंतरजनपदीय स्थानांतरण की सूची जारी होने से कई शिक्षकों की मुराद पूरी हो गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने सहायक अध्यापकों के अंतर्जनपदीय तबादलों की संशोधित संख्या 21695 बताई है।


    गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा विभाग में अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत कार्यरत शिक्षकों से आवेदन मांगे गए थे। इसके तहत शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे। फिर इन आवेदनों की जिले स्तर पर जांच हुई थी। इस जांच प्रक्रिया के बाद ट्रांसफर के लिए सीधे आवेदन शासन को फॉरवर्ड कर दिए गए थे। आवेदन के समय शिक्षकों ने तीन विकल्प भरे थे। इनमें एक विकल्प शिक्षकों को मिलना तय है। अधिकतर शिक्षकों ने अपने मूल जनपद में जाने के लिए आवेदन किया है.

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