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    अनामिका प्रकरण:- अनामिका के फर्जी आधार कार्ड की होगी जांच,

    प्रयागराज : सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम पर पढ़ाने वाली फर्जी शिक्षिका के मामले में कर्नलगंज पुलिस उसके फर्जी आधार कार्ड की भी जांच करेगी। पुलिस को जांच में पता चला है कि कानपुर देहात की सरिता यादव ने अनामिका के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया था। उसने आवेदन पत्र, दूसरे शैक्षणिक अभिलेख के साथ ही आधार कार्ड को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा किया था। उस आधार कार्ड में तस्वीर के साथ नाम अनामिका शुक्ला और जन्मतिथि दर्ज है, मगर पिता का नाम और पता नहीं है। ऐसे में अभिलेखों की जांच करने वाले शिक्षा विभाग के कतिपय अधिकारियों से भी पूछताछ की तैयारी है।
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    अब तक की जांच में यह साफ हो चुका है कि कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र स्थित चंदनपुर गांव की सरिता यादव पुत्री तेज सिंह यादव यहां फर्जी अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही थी। कुछ दिन पहले विवेचक दारोगा र¨वद्रनाथ यादव ने सरिता के गांव में छापेमारी की थी, मगर वह नहीं मिली। वहां छानबीन में इसकी पुष्टि भी हुई थी कि सरिता ही अनामिका बनकर प्रयागराज में पढ़ा रही थी। यहां शैक्षणिक दस्तावेज की जांच की गई तो अनामिका शुक्ला के नाम से फर्जी आधार कार्ड मिला।

    जांच में यह भी पता चला कि तेज सिंह ने अपनी बहू बबली व बेटी सरिता की नौकरी के लिए तीन बीघा जमीन बेची थी। रिश्तेदार बल्लू ने तेज सिंह से दोनों की नौकरी के लिए छह लाख रुपये लिए थे, जिसमें से दो लाख रुपये मुख्य आरोपित पुष्पेंद्र के खाते में जमा किए थे।

    फिलहाल मामले में पुष्पेंद्र, बबली और बल्लू की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन सरिता फरार है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है अनामिका बनकर नौकरी करने वाली सरिता ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर विभाग में जमा किया था। इसकी भी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।