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    BEO 2019 : प्रदेश के 1127 केंद्रों पर बीईओ-2019 प्रारंभिक परीक्षा, परीक्षा स्थगित करने को वरुण गांधी ने लिखा सीएम को पत्र

    प्रयागराज : उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ)-2019 की प्रारंभिक परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। प्रदेश के 18 जिलों में कुल 1127 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर केंद्र पर अभ्यर्थियों की संख्या के लिहाज से पेपर पहुंचा दिया गया है। ओएमआर शीट परीक्षा से दो दिन पहले पहुंचेगी। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सैनिटाइजेशन परीक्षा से पहले कराया जाएगा। नकल व पेपर लीक रोकने का पुख्ता प्रबंध किया गया है।
    यूपीपीएससी ने खंड शिक्षा अधिकारी-2019 के तहत 309 पदों की भर्ती निकाली है। इसमें पांच लाख 28 हजार से अधिक आवेदन हुए हैं। इसकी प्रारंभिक परीक्षा 16 अगस्त को प्रदेश के 18 जिलों में आयोजित होगी। परीक्षा के लिए लखनऊ में सबसे अधिक 141 केंद्र बनाए गए हैं। इसी तरह से प्रयागराज में 106, आजमगढ़ में 48, बरेली में 50, आगरा में 105, गोरखपुर में 49, अयोध्या में 41, गाजियाबाद में 54, जौनपुर में 51, झांसी में 34, कानपुर नगर में 112, बाराबंकी में 23, मेरठ में 52, मुरादाबाद में 68, रायबरेली में 26, सीतापुर में 34, वाराणसी में 97 व मथुरा में 36 केंद्र बनाए गए हैं।

    वरुण गांधी ने लिखा सीएम को पत्र

    प्रयागराज : भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कोरोना संक्रमण काल में प्रतियोगी परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। वरुण ने प्रतापगढ़ के शांडिल्य इं. दुर्गेश के पत्र का हवाला दिया है। कहा कि प्रतियोगियों की मांग है कि कोरोना संक्रमण काल में बीईओ-2019 की प्री सहित हर प्रतियोगी परीक्षा स्थगित की जाए।

    कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से बीईओ-2019 प्रारंभिक परीक्षा के अभ्यर्थी भयभीत हैं। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर 16 अगस्त को प्रस्तावित परीक्षा को टालने की गुहार लगाई है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि लखनऊ, आगरा, कानपुर, गोरखपुर व प्रयागराज बुरी तरह से कोरोना की चपेट में हैं। ऐसे में इन जिलों में अन्य जिलों के हजारों लोगों को एक साथ बुलाने से स्थिति बिगड़ेगी। उप्र लोकसेवा आयोग द्वारा वही परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं जो पूर्व में सामान्य परिस्थितियों में निर्धारित थे। ऐसी दशा में निर्धारित केंद्रों पर शारीरिक दूरी मानक का पालन नहीं हो पाएगा। परीक्षा में अन्य प्रदेशों के हजारों अभ्यर्थियों को शामिल होना है। रेल सहित यातायात की अधिकतर सेवा बंद है। ऐसी स्थिति में परीक्षा स्थगित करनी चाहिए। मुख्यमंत्री को बृजलाल तिवारी, सौमित्र शुक्ल, अलंकार पांडेय, राजेश मिश्र, शिवम सिंह, दिवाकर तिवारी व राजेश सिंह ने पत्र लिखा है।